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Hindi Section (28 Dec 2013 NewAgeIslam.Com)



Stop Terrorizing Non-Muslims, Muslims In The Name Of Islam’ इस्लाम के नाम पर गैर-मुस्लिमों और मुसलमानों को डराना बंद करो

 

 

 

ख़ालिद अलजेनफावी

8 अक्टूबर, 2013

एक अच्छा और सहिष्णु मुस्लिम ये समझता है कि इस्लाम शांति का धर्म है। इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान दैनिक जीवन में न केवल मुसलमानों को बल्कि खुदा के दूसरे बन्दों को भी शांति और सहिष्णुता का पालन करने के लिए कहता है। सच्चे इस्लाम के आम सिद्धांतों और शिक्षाओं के मुताबिक़ एक अच्छे मुसलमान से इंसानों को या खुदा के पैदा किये गये दूसरे जीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका नहीं की जा सकती है। हालांकि दुनिया भर में कट्टरपंथी लोग कई दशकों से इस्लाम की एक अलग ही तस्वीर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और गैर- मुस्लिमों और मुसलमानों दोनों को आतंकित कर रहे हैं और दुनिया भर में तबाही फैला रहे हैं।

ऐसा लगता है कि विकृत मानसिकता वाला कोई भी व्यक्ति जो बनावटी तौर पर अपने को किसी भी धर्म से सम्बंधित बताता हो वो कभी कभी अपने धर्म के ही शांति के संदेशों को तबाही फैलाने वाले हथियारों में बदल देता है। धर्मांध, कट्टरपंथी और अतिवादी लोग शांतिपूर्ण धार्मिक विचारों को तोड़ मरोड़ कर अपनी क्रूरताओं के लिए तर्कहीन औचित्य के रूप में पेश करते हैं। वास्तव में दुनिया भर के मुसलमानों का बहुसंख्यक इस्लाम के शांतिपूर्ण संदेशों और सकारात्मक आदर्शों का पालन करता है।

हालांकि दुनिया भर में शांतिप्रिय मुसलमानों की ये ज़िम्मेदारी है कि वो उनके नाम पर पूरी दुनिया में दूसरे मासूम लोगों पर थोपे गये आतंकवाद से मुक़ाबला करें। मैं ये भी सलाह देना चाहूँगा कि आज के ज़माने के मुसलमान के तौर पर हमारी ये हमेशा ज़िम्मेदारी होगी कि आतंकवाद और अतिवाद के खिलाफ लड़ाई अपने घर से ही शुरू करें, इसलिए कि आतंकवाद घर से ही शुरू होता है! एक विशिष्ट मानव वातावरण में आम मानवीय व्यवहार के मूलभूत मानको से आतंकवाद का जन्म होता है और समाज के कुछ बुरे तत्वों द्वारा इस पर अमल और इसका इस्तेमाल किया जाता है। दूसरे शब्दों में किसी भी मुसलमान की परवरिश ही ये निर्धारित करती है कि बाहरी दुनिया के बारे में उसका व्यवहार कैसा होगा। एक ऐसा व्यक्ति जिसकी परवरिश एक विशिष्ट सामाजिक वातावरण में हुई हो वो गैर- मुस्लिमों के प्रति क्रूरता को सराहेगा या इसको औचित्य के रूप में पेश करेगा, तो ऐसा व्यक्ति आतंकवाद को ही पैदा करेगा।

इसके अलावा आतंकवाद के कारणों का सम्बंध अक्सर कुछ जीवन शैलियों, कुछ परिवारों की परवरिश और कुछ "इस्लामी" समाजों के सामाजिक मानदंडों से जोड़ा जाता है। अगर कोई व्यक्ति सहिष्णु मुस्लिम सामाजिक वातावरण में रहता है तो वो एक सहिष्णु व्यक्ति होगा। लेकिन अगर कोई व्यक्ति ऐसे वातावरण में बड़ा होता है जहाँ के राष्ट्रीय या पारिवारिक माहौल में "काफिरों" के खिलाफ युद्ध को सराहा जाता हो और जहाँ का माहौल पश्चिम विरोधी नारों से भरा हो, जहां 'स्त्रीत्व'' पर पुरुषत्व को श्रेष्ठता दी जाती हो, इस तरह के वातावरण में जिन लोगों की परवरिश होती है वो हमेशा आतंकवादी बनने की कामना करते हैं। मैं इस बात पर यक़ीन नहीं करता कि पुरी दुनिया के गैर- मुस्लिम, मुसलमानों या मुस्लिम देशों के खिलाफ हर एक दिन साज़िश रचते हैं।

यदि इस्लाम के खिलाफ कोई भी "साज़िश" कर रहा है तो वो स्थानीय कट्टरपंथी, स्थानीय अतिवादी और वो लोग हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को सराहते हैं। मुसलमान होने के नाते ये हमारी नैतिक और ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी है कि हम आतंकवाद की महामारी से खुद की और अपने गैर- मुस्लिम भाइयों की भी रक्षा करें।

स्रोत:http://www.arabtimesonline.com/NewsDetails/tabid/96/smid/414/ArticleID/200377/reftab/36/Default.aspx

URL for English article:

http://www.newageislam.com/spiritual-meditations/khaled-aljenfawi/‘stop-terrorizing-non-muslims,-muslims-in-the-name-of-islam’/d/13888

URL for Urdu article:

http://www.newageislam.com/urdu-section/khaled-aljenfawi,-tr-new-age-islam/‘stop-terrorizing-non-muslims,-muslims-in-the-name-of-islam’---اسلام-کے-نام-پر-غیر-مسلموں-اور--مسلمانوں-کو-خوفزدہ-کرنا--بند-کریں--/d/35014

URL for this article:

http://www.newageislam.com/hindi-section/khaled-aljenfawi,-tr-new-age-islam/stop-terrorizing-non-muslims,-muslims-in-the-name-of-islam’-इस्लाम-के-नाम-पर-गैर-मुस्लिमों-और-मुसलमानों-को-डराना-बंद-करो/d/35031

 




TOTAL COMMENTS:-   1


  • Islam is not a religion of violence, it's a religion of peace, but i will say no other religion can be so peaceful as Islam. 
    Just read the Quran and Hadith fully, then arrange a debate over it. 100% sure all will be in the same conclusion that Islam is the religion of love and peace!

    By Varsha Sharma - 12/31/2013 5:37:19 AM



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