एम. शोएब तनोली, कराची
19 जुलाई, 2012
(उर्दू से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम)
मुसलमानों के पवित्र महीने रमज़ान के शुरू होने में कोई ज़्यादा वक्त नहीं है और पाकिस्तान में विभिन्न निजी चैनलों ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए रमज़ान के विशेष प्रसारण के लिए इस्लामी कार्यक्रम तैयार किये हैं जिनके विज्ञापन का अभियान इन दिनों अपने चरम पर है। रमज़ान के महीने के लिए खास तैयार होने वाले विशेष इस्लामी कार्यक्रम सहरी और इफ़्तार के वक्त प्रसारित किये जाते हैं। वैसे तो माहे रमज़ान की विशेष प्रसारण के इस्लामी कार्यक्रमों के लिए विभिन्न इस्लामी विद्वानों की सेवाएं ली जाती थीं लेकिन लगभग सभी टीवी चैनलों ने ये कार्यक्रम अश्लील फिल्मों में नग्न और अर्द्ध नग्न हो कर काम करने वाली अभिनेत्रियों और डान्सरों के हवाले कर दिए हैं। इस बार जब भी कोई पाकिस्तानी सहरी या इफ़्तार के वक्त टीवी लगाएगा उसे नग्न फिल्मों में काम करने वाली इन अभिनेत्रियों का नज़ारा करना होगा। ऐसा क्यों हो रहा है? ये डराने वाली कहानी और पाकिस्तान में विदेशी हस्तक्षेप का खुला सबूत है लेकिन इस बारे में बात करने से पहले हम ये बताते चलें कि रमज़ान के महीने के विशेष इस्लामी कार्यक्रमों को किन नग्न अभिनेत्रियों के हवाले किया गया है। इनमें सबसे प्रमुख नाम वीना मलिक का है जो एक्सप्रेस टीवी चैनल के तहत चलने वाले चैनल हीरो टीवी पर 'अस्तग़फ़ार' के नाम से एक कार्यक्रम कर रही हैं।

वीना मलिक इस्लामी प्रचारक रमज़ान में लोगों को बतायेंगे कि इस्लाम क्या है
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वीना मलिक के इस कार्यक्रम का विज्ञापन आजकल दिखाया जा रहा है। वीना मलिक अश्लील फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री हैं। वो पूरी नग्न होकर फिल्मी पत्रिकाओं के लिए तस्वीरें खिंचवाने के लिए मशहूर हैं। इसके अलावा वो टीवी कार्यक्रमों में कैमरे के सामने कुछ यौन क्रिया भी रिकॉर्ड करा चुकी हैं जो एक भारतीय टीवी के लिए था और प्रसारित भी किया गया था जिस पर पाकिस्तान में काफी गुस्सा भी देखा गया था। टीवी पर सादिया इमाम नामक एक और अभिनेत्री भी इस्लामी कार्यक्रम पेश करेंगी। इंटरनेट पर उनकी अर्द्ध नग्न तस्वीरें भरी पड़ी हैं। टीवी स्क्रीन पर वो अश्लील दृश्य करने के लिए मशहूर हैं। एक और पूर्व डान्सर और अभिनेत्री माया खान भी टीवी पर इस्लामी कार्यक्रम पेश करेंगी। ए.आर.वाई. पर इस्लामी कार्यक्रम करने वाली माया पूर्व डान्सर हैं लेकिन उम्र अधिक हो जाने के कारण अब भी डांस को बतौर पेशा जारी नहीं रख सकतीं इसलिए वो टीवी कार्यक्रम पेश करती हैं। उनकी अर्द्ध नग्न तस्वीरें भी इंटरनेट पर देखी जा सकती हैं। इस्लामी कार्यक्रम इन नग्न अभिनेत्रियों के हवाले करने पर पाकिस्तान में अच्छी खासी प्रतिक्रिया देखी जा रही है लेकिन टीवी चैनलों को नियंत्रित करने वाले सरकारी संगठन पेमरा ने इस पर कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि सभी पाकिस्तानी टीवी चैनल मीडिया के लिए अमेरिकी कार्यक्रम से आर्थिक सहयोग प्राप्त करते हैं। जबकि तकनीकी सहयोग वो ब्रिटिश प्रसारण संस्था बीबीसी से हासिल करते रहे हैं। पिछले एक साल से अमेरिका और ब्रिटिश प्रसारण संस्था की ओर से ये दबाव डाला जा रहा था कि पाकिस्तानी टीवी चैनलों पर पेश किए जाने वाले इस्लामी कार्यक्रम से उग्रवाद फैल रहा है इसलिए इन्हें बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि उनके कार्यक्रम में उलेमा आकर सभी पाकिस्तानियों को सीधे संबोधित करते हैं और उनका पैगाम आसानी से फैल जाता है। इसी दबाव के बाद फैसला ये किया गया कि इस्लामी कार्यक्रम तो बंद न किए जाएं लेकिन उनकी मेज़बानी अश्लील अभिनेत्रियों के हवाले कर दी जाए ताकि इन कार्यक्रमों से किसी प्रकार का इस्लामी प्रभाव न पड़े और समाज में इस्लाम पसंदी न फैले। इसकी शुरुआत रमज़ान से की गयी है।
इसी संदर्भ में कुछ वक्त पहले ब्रिटिश प्रसारण संस्था ने एक आक्रामक रिपोर्ट भी जारी की थी। बीबीसी का कहना था कि पाकिस्तान के धार्मिक लोग केबल टीवी के आगमन पर इसके कट्टर विरोधी थे और उसे अश्लील और विदेशी बताते थे लेकिन आज धर्म इन्हीं प्रसारणों पर हावी होता दिखाई देता है। टीवी पर एक नई पीढ़ी के इस्लामी प्रचारकों का ज़ाहिर होना माहौल को उदारवादी लोगों से मुठभेड़ की ओर ले जा रहा है। पाकिस्तान में किसी भी दिन अगर आप टीवी देंखें तो आपको सोप, सीरियल, गर्मा गर्म राजनीतिक चर्चा और एक नए अंदाज़ में पेश किये जाने वाला इस्लाम नज़र आएगा। इन कार्यक्रमों का बना बनाया ढांचा होता है जिसमें लोग अपने सवाल और समस्याओं के लिए फोन कॉल करते हैं और शो में मौजूद धार्मिक विशेषज्ञ सवालों के जवाब देते हैं। इन कार्यक्रमों के मेज़बान (एंकर) एक साथ धार्मिक नेता और सेलीब्रेटी होते हैं और दर्शकों के लिए छोटे फ़तवे जारी करते नज़र आते हैं। ब्रिटिश संस्था के दावे के अनुसार इन कार्यक्रमों के मेज़बान (एंकर) और इनके प्रोग्राम अक्सर विवादों के घेरे में रहते हैं जैसा कि फरहत हाश्मी पर आरोप लगा कि वो पैसों का गबन करके कनाडा भाग गये ताकि जाँच से बच सकें। फरहत किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से पूरी तरह इन्कार करते हैं। दूसरी ओर महेर बुखारी हैं जो एक राजनीतिक शो की मेज़बानी (एंकर) करती हैं मगर उन पर उस वक्त भारी गुस्सा दिखाया गया जब उन्होंने एक मेहमान को मुल्हिद करार दे दिया था। उलेमा के बारे बहुत निंदाजनक भाषा और अंदाज़ इस्तेमाल करते हुए बीबीसी का कहना था कि एक और मुल्ला ने पाकिस्तान की नग्न अभिनेत्री वीना मलिक से सीधे टीवी पर तकरार की जिससे पहले उन्होंने अभिनेत्री के व्यवहार पर आलोचना की थी, जिसका वीडियो क्लिप बाद में बहुत मशहूर हुआ। इन सभी प्रचारकों में शीर्ष पर आमिर लियाक़त हैं जो कराची में अपने चमकते दमकते स्टूडियो से एक घंटे का लाइव कार्यक्रम हफ्ते के पांच दिन करते हैं। इस कार्यक्रम में आमिर लियाक़त एक ‘मशवरा बेगम’ जैसे व्यक्ति की भूमिका करते हैं जो अपने दर्शकों की धार्मिक समस्याओं का समाधान अपने सुझावों से करता है। सितंबर दो हजार आठ को आमिर लियाक़त ने अपना एक पूरा कार्यक्रम अहमदियों के विश्वासों के बारे में दिया था। इस कार्यक्रम में दो विद्वानों ने कहा कि ऐसा कोई भी जो अपने आप को एक झूठे नबी से संबंधित बताता है तो वो वाजिबुल क़त्ल (हत्या के लायक़) है।
एक अहमदी डॉक्टर खालिद यूसुफ ने जब ये कार्यक्रम नवाब शाह में देखा तो उन्हें एक धक्का लगा कि एक मशहूर चैनल कैसे ये सामग्री प्रसारित कर सकता है? 'जो हत्या को एक अच्छे मुसलमान के धार्मिक कर्तव्य के रूप में पेश कर रहा था। इस कार्यक्रम के चौबीस घंटों के भीतर जमाते अहमदिया मीरपुर खास के अमीर डॉक्टर अब्दुल मन्नान सिद्दीक़ी को कत्ल कर दिया गया और अगले चौबसी घंटों के बाद डॉक्टर खालिद यूसुफ के पिता को जो स्थानीय जमाते अहमदिया के अमीर थे, दो अज्ञात नक़ाबपोश हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी। लेकिन डॉक्टर आमिर लियाक़त ने इन कत्ल की वारदतों के प्रति उदासीनता प्रकट की। उन्होंने कहा कि मुझे इस पर कोई शर्मिंदगी नहीं है, क्योंकि इसका मुझसे कोई सम्बंध नहीं है। मुझे जो हुआ उस पर दुख है और मैं उनके परिवारों से सहानुभूति प्रकट करता हूँ लेकिन इसका मुझसे और मेरे कार्यक्रम में कही गई बातों से कोई सम्बंध नहीं है। आमिर लियाक़त अब भी अपना शो पेश करते हैं बल्कि अब वापस पाकिस्तान के एक लोकप्रिय टीवी चैनल जियो टीवी पर आ गए हैं जहां से उन्हें इस कार्यक्रम के बाद निकाल दिया गया था। बीबीसी के अनुसार पाकिस्तान के बढ़ते हुए निजी टीवी चैनल मुशर्रफ़ के राष्ट्रपति के कार्यकाल के अवशेष हैं लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये सेलीब्रेटी मुल्ला असहिष्णुता का पैगाम दे रहे हैं और इस बात पर जोर दिया कि टीवी इंडस्ट्री को नियम और कानून की सख्त ज़रूरत है।
पेमरा जो एक सरकारी संस्था है जिसको टीवी चैनलो पर नज़र रखने का काम सौंपा गया है। इसकी ज़िम्मेदारियों में से एक ये भी है कि ऐसे कार्यक्रमों को रोके जो कि सांप्रदायिक व्यवहारों और अनुचित कामों को बढावा दे। लेकिन इस संस्था ने टीवी पर आने वाले मुल्लाओं के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जबकि पेमरा के जनरल मैनेजर ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के बारे कुछ नहीं कहना चाहेंगें, क्योंकि ये 'आग लगाने के बराबर होगा। लेकिन पाकिस्तान में अश्लील फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्री वीना मलिक ने खुलकर अपनी आवाज़ इन टीवी के प्रचारकों के खिलाफ उठाई है। वीना को उस वक्त टीवी पर धार्मिक विद्वानों की तरफ से गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ा जब उन्होंने भारत जाकर बिग बास नाम के कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सीधे टीवी पर सेक्स प्रक्रिया का एक हिस्सा कर के दिखाया। बीबीसी के अनुसार जब उलमा ने उनके व्यवहार को शर्मनाक और 'गैर इस्लामी' बताया तो वीना ने बिना डरे जिस तरीके से अपना बचाव किया उसके वीडियो ने यू- ट्यूब पर हलचल मचा दी और उनको रातों रात एक हीरो बना दिया।
वीना ने कहा कि मैं अपने आपके लिए बोल रही थी जब मैंने कहा कि हर औरत की मर्ज़ी है वह जो चाहे पहने। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में महिलाओं के अधिकारों की कोशिश अल्पसंख्यकों के अधिकारों के प्रयासों से जुड़ी है और कुछ लोग हैं जो इस बारे में खुल कर बात करते हैं जबकि मैं बात कर सकती थी जो मैंने की। सिटीज़न्स फॉर डेमोक्रेसी के मंसूर रज़ा ने कहा कि वीना बनाम मुल्ला घटना ने वीना को पाकिस्तान के उदारवादियों के संघर्ष के प्रतीक के रूप में पेश किया। वीना का पाकिस्तान के वामपंथी दलों की पसंदीदा होना वक्त के बदलने का प्रतीक है।
बीबीसी ने दावा किया कि मंसूर रज़ा ने ये भी कहा कि मैं ऐसी घरेलू महिलाओं को जानता हूँ जो बुर्का पहनती हैं मगर वो वीना को हीरो मानती हैं। उसने वो सब कह दिया जो हम कहना चाहते थे। बीबीसी का दावा है कि वीना ने जिस तरह बेखौफ तरीके से अपना बचाव किया उसके वीडियो ने यू- ट्यूब पर हलचल मचा दी और उनको रातों रात एक हीरो बना दिया, जिस टीवी चैनल ने ये कार्यक्रम प्रसारित किया था उनका पक्ष है कि वो ये सब जनता की आवश्यकता पर कर रहे हैं और उनके अनुसार वो मुश्किल धार्मिक समस्याओं का आसान हल बता रहे हैं। लेकिन एक लंबे संघर्ष के बाद अब अश्लील फिल्मों में यौन अभिनय करने वाली अभिनेत्री वीना मलिक को ही इस्लामी कार्यक्रम का मेजबान (एंकर) बना दिया गया है और अब वो रमजान में लोगों को बताएंगी कि इस्लाम क्या है और इस पर किस तरह अमल किया जाए।
स्रोतः shoaibtanoli.wordpress.com
URL for Urdu article: https://newageislam.com/urdu-section/on-pakistan-tv,-islamic-preachers/d/7971
URL for this article: https://newageislam.com/hindi-section/on-pakistan-tv,-islamic-preachers/d/7977