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Hindi Section ( 22 May 2019, NewAgeIslam.Com)

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Muslims National Duty to Feed Orphans and Needy मिसकीनों और अनाथों को खिलाना मुसलमानों का कौमी फरीज़ा



अब्दुल मुईद अज़हरी, न्यू एज इस्लाम

जिस प्रकार कुरआन ने नमाज़ और ज़कात को मुसलमानों पर जरूरी करार दिया है उसी प्रकार कुरआन ने कई जगहों पर मोहताजों को खाना खिलाने की भी ताकीद की हैl इससे यह तास्सुर मिलता है कि मोहताजों को खिलाना भी मोमिन का एक फरीज़ा है और उसके लिए बहोत सवाब का वादा किया गया हैl मोहताजों को खिलाने वाला आसानी से जन्नत में जाएगाl खुदा ए पाक मुसलमानों से कहता है कि अपनी रोज़ी में से कुछ हिस्सा मिसकीनों को दे दोl कुरआन इस हिदायत को इस तरह पेश करता हैl अनुवाद: और वह (नेक और परहेजगार) अल्लाह की रज़ा के लिए मिसकीनों और अनाथों को खाना खिलाते हैं और कैदियों को (सुरह अल दहर:८)

जहन्नम में कुछ लोग इस लिए भी डाल दिए जाएंगे कि वह खुशहाल होते हुए भी कभी मिसकीनों को खाना नहीं खिलाते थेl अनुवाद: और पूछेंगे किस बात ने तुमको जहन्नम में पहुंचाया? वह जवाब देंगे हम नमाज़ी नहीं थे और मिसकीनों को खाना नहीं खिलाते थेl (सुरह अल मुदस्सिर: ३४,४४) दोसरी जगह अल्लाह पाक का इरशाद है (अनुवाद: फरिश्तों को हुक्म होगा) इसे पकड़ो और बांधो और दहकती हुई आग में दाखिल करोl फिर उसको ऐसी जंजीर में जकड़ो जिसकी लम्बाई सत्तर हाथ हैl यह वही है जो रब पर ईमान नहीं रखता था और मिसकीनों को खाना देनें की तरगीब नहीं देता थाl (सुरह अल हाक्का: २३,४३)

एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि कुरआन केवल मोहताजों को खिलाने की ताकीद नहीं करता है बल्कि मुसलमानों से यह कहता है कि वह खुद भी खिलाएं और दोसरे मुसलमानों को भी ऐसा करने की तरगीब देंl दोसरे को भी इस काम के लिए तरगीब देना हर मुसलमान का फर्ज़ है अर्थात यह अच्छाई का आदेश और बुराई से रोकने का हिस्सा हैl

दोसरे धर्मों ने सामूहिक लंगर का कार्य लाजिम पकड़ लिया है जहां चौबीस घंटे जनता के लिए खाने का मुफ्त इंतज़ाम होता हैl जबकि मुसलमानों ने इसे तर्क कर दिया हैl हालांकि कुरआन इसकी तलकीन करता हैl जब खुदा अपने बन्दे को आजमाते हुए उसका रिजक तंग कर देता है तो बंदा कहता है कि मेरे रब ने मुझे ज़लील किया है इस पर इस तरह अल्लाह पाक का इरशाद है-

अनुवाद: नहीं हरगिज़ नहीं बल्कि तुम यतीम की इज्ज़त नहीं करतेl और तुम एक दोसरे को मिस्कीं के खिलाने की तरगीब नहीं देतेl

यह रमजानुल मुबारक का पाक महीना है जिसमें अपने गुनाहों की मगफिरत और अपने रब को राज़ी करने के लिए गरीबों, मोहताजों कू जरूरियात पूरी की जाए और खुद भी उनको खाना खिलाएं और अपने करीबियों को भी नेक अमल करने की ताकीद करेंl

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  1. This article is a direct lift from my article.
    Kya dahshatgard aise hote Hain?
    By Arshad 23/05/2019 09:33:32
  2. ARMAN purey nahi hongey whatever tricks he may play.
    By Arshad 23/05/2019 05:23:26